धारा 2(a) - उपयुक्त सरकार (Appropriate Government)
"उपयुक्त सरकार" से तात्पर्य उस सरकार से है जिसके अधीन संबंधित
लोक प्राधिकरण (Public Authority) कार्य करता है।
यदि कोई विभाग केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित, नियंत्रित अथवा
वित्तपोषित है तो उसके लिए उपयुक्त सरकार केन्द्र सरकार होगी।
यदि कोई विभाग राज्य सरकार के अधीन है तो उसके लिए
राज्य सरकार उपयुक्त सरकार होगी।
उदाहरण :
✔ भारतीय रेल → केन्द्र सरकार
✔ आयकर विभाग → केन्द्र सरकार
✔ बिहार पुलिस → बिहार सरकार
✔ उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग → उत्तर प्रदेश सरकार
RTI में महत्व :
RTI आवेदन भेजने से पहले यह जानना आवश्यक है कि संबंधित विभाग
केन्द्र सरकार के अधीन है या राज्य सरकार के।
धारा 2(b) - Central Information Commission (CIC)
Central Information Commission (केंद्रीय सूचना आयोग)
वह आयोग है जिसका गठन RTI Act की धारा 12 के अंतर्गत किया गया है।
यदि किसी केंद्रीय विभाग से सूचना प्राप्त नहीं होती
अथवा प्रथम अपील के बाद भी न्याय नहीं मिलता,
तो द्वितीय अपील या शिकायत CIC में की जाती है।
उदाहरण :
यदि आपने रेलवे, बैंक, आयकर विभाग, BSNL,
EPFO आदि से सूचना मांगी और सूचना नहीं मिली,
तो अंतिम अपील केंद्रीय सूचना आयोग में की जाएगी।
धारा 2(c) - Central Public Information Officer (CPIO)
प्रत्येक केंद्रीय सरकारी विभाग में एक
Central Public Information Officer (CPIO)
नियुक्त किया जाता है।
CPIO का मुख्य कार्य RTI आवेदन प्राप्त करना,
संबंधित शाखा से सूचना प्राप्त करना तथा
निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदक को उपलब्ध कराना है।
CPIO की जिम्मेदारियाँ
- RTI आवेदन स्वीकार करना।
- 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराना।
- यदि सूचना उपलब्ध नहीं है तो उचित कारण बताना।
- आवश्यक होने पर आवेदन संबंधित विभाग को भेजना।
धारा 2(d) - Chief Information Commissioner
Chief Information Commissioner
केंद्रीय सूचना आयोग का प्रमुख अधिकारी होता है।
इनके साथ अन्य Information Commissioners भी नियुक्त किए जाते हैं,
जो द्वितीय अपील एवं शिकायतों की सुनवाई करते हैं।
मुख्य कार्य
- द्वितीय अपील की सुनवाई।
- RTI कानून का पालन सुनिश्चित करना।
- आवश्यक होने पर आदेश जारी करना।
- धारा 20 के अंतर्गत दंड लगाने की शक्ति।
धारा 2(e) - Competent Authority (सक्षम प्राधिकारी)
Competent Authority का अर्थ उस संवैधानिक
प्राधिकारी से है जिसे RTI Act के अंतर्गत
संबंधित संस्था के लिए नियम बनाने का अधिकार प्राप्त है।
| संस्था |
सक्षम प्राधिकारी |
| लोकसभा |
लोकसभा अध्यक्ष |
| राज्यसभा |
राज्यसभा के सभापति |
| सुप्रीम कोर्ट |
भारत के मुख्य न्यायाधीश |
| उच्च न्यायालय |
मुख्य न्यायाधीश |
| संविधान द्वारा स्थापित अन्य निकाय |
राष्ट्रपति / राज्यपाल |
ध्यान दें :
Competent Authority का कार्य संबंधित संस्थानों के लिए
RTI नियम बनाना एवं आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लेना है।
धारा 2(f) - सूचना (Information)
सूचना का अर्थ किसी भी प्रकार की सामग्री (Material) से है, चाहे वह
कागज़ पर हो या इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध हो।
सूचना में शामिल हैं :
- रिकॉर्ड (Records)
- दस्तावेज (Documents)
- फाइलें (Files)
- ई-मेल (Emails)
- आदेश (Orders)
- सर्कुलर (Circulars)
- रिपोर्ट (Reports)
- अनुबंध (Contracts)
- वीडियो एवं ऑडियो रिकॉर्ड
- इलेक्ट्रॉनिक डाटा
ध्यान दें :
RTI के माध्यम से केवल उपलब्ध सूचना प्राप्त की जा सकती है,
किसी अधिकारी से नई जानकारी बनवाने, राय देने या स्पष्टीकरण देने की मांग नहीं की जा सकती।
धारा 2(g) - Prescribed (विहित)
"Prescribed" का अर्थ उन नियमों से है जो
उपयुक्त सरकार अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा बनाए गए हों।
धारा 2(h) - Public Authority (लोक प्राधिकरण)
Public Authority वह संस्था है जो संविधान,
संसद, राज्य विधानमंडल या सरकार द्वारा स्थापित की गई हो,
अथवा सरकार द्वारा नियंत्रित या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित हो।
उदाहरण :
- जिला पदाधिकारी कार्यालय
- प्रखंड कार्यालय
- नगर निगम
- सरकारी विद्यालय
- सरकारी विश्वविद्यालय
- रेलवे
- बिजली विभाग
धारा 2(i) - Record (अभिलेख)
Record में सभी प्रकार की फाइलें,
दस्तावेज, माइक्रोफिल्म, कम्प्यूटर डेटा,
स्कैन कॉपी एवं अन्य संग्रहित अभिलेख शामिल हैं।
धारा 2(j) - Right to Information (सूचना का अधिकार)
सूचना का अधिकार वह अधिकार है जिसके अंतर्गत
नागरिक किसी लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध सूचना प्राप्त कर सकता है।
RTI के अंतर्गत नागरिक कर सकता है :
- रिकॉर्ड का निरीक्षण
- दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करना
- सामग्री का नमूना लेना
- सीडी, पेन ड्राइव या प्रिंटआउट के रूप में सूचना प्राप्त करना
धारा 2(k) - State Information Commission
प्रत्येक राज्य में RTI Act के अंतर्गत
राज्य सूचना आयोग का गठन किया जाता है।
धारा 2(l) - State Chief Information Commissioner
राज्य सूचना आयोग के प्रमुख अधिकारी को
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त कहा जाता है।
धारा 2(m) - State Public Information Officer (SPIO)
प्रत्येक राज्य सरकारी विभाग में
एक State Public Information Officer नियुक्त किया जाता है
जो RTI आवेदन स्वीकार करता है और सूचना उपलब्ध कराता है।
धारा 2(n) - Third Party (तृतीय पक्ष)
Third Party से तात्पर्य उस व्यक्ति या संस्था से है
जो RTI आवेदनकर्ता नहीं है,
लेकिन जिसकी सूचना मांगी गई है।
उदाहरण :
यदि आपने किसी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका मांगी,
तो वह कर्मचारी Third Party माना जाएगा।
परीक्षा एवं प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- धारा 2 RTI Act की सबसे महत्वपूर्ण धारा मानी जाती है।
- RTI आवेदन लिखने से पहले धारा 2(f), 2(h) एवं 2(j) अवश्य समझें।
- अधिकांश RTI अपीलों में धारा 2(f) एवं 2(j) का उल्लेख किया जाता है।
- लोक प्राधिकरण की पहचान धारा 2(h) से होती है।
- RTI केवल उपलब्ध सूचना प्राप्त करने का अधिकार देता है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न : RTI में Information का क्या अर्थ है?
उत्तर : किसी भी रूप में उपलब्ध सरकारी सूचना।
प्रश्न : क्या राय (Opinion) मांगी जा सकती है?
उत्तर : नहीं। केवल रिकॉर्ड में उपलब्ध सूचना मांगी जा सकती है।
प्रश्न : Public Authority कौन होता है?
उत्तर : सरकार द्वारा स्थापित, नियंत्रित या वित्तपोषित संस्था।
RTI Act 2005 प्रशिक्षण
नईदिशा पब्लिक सर्विसेज द्वारा तैयार किया गया यह अध्ययन सामग्री
RTI कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के लिए उपयोगी है।