परिचय
RTI आवेदन के बाद यदि निर्धारित समय में सूचना प्राप्त नहीं होती
या दी गई सूचना अधूरी, गलत अथवा भ्रामक होती है,
तो आवेदक को अपील करने का अधिकार प्राप्त है।
इस अध्याय में प्रथम एवं द्वितीय अपील के प्रारूप,
आवश्यक दस्तावेज तथा व्यावहारिक प्रक्रिया को समझाया गया है।
महत्वपूर्ण
अपील हमेशा तथ्यों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तैयार करें।
प्रथम अपील कब करें?
- 30 दिनों में सूचना प्राप्त न हो।
- अधूरी सूचना प्राप्त हो।
- गलत सूचना दी गई हो।
- सूचना देने से मना कर दिया गया हो।
प्रथम अपील संबंधित विभाग के
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) को की जाती है।
प्रथम अपील का प्रारूप
सेवा में,
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी
________________ विभाग
________________ जिला
विषय :
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्रथम अपील।
महोदय / महोदया,
मैंने दिनांक __________ को RTI आवेदन प्रस्तुत किया था,
किन्तु आज तक सूचना प्राप्त नहीं हुई /
अधूरी सूचना प्राप्त हुई है।
अतः कृपया नियमानुसार सूचना उपलब्ध कराने की कृपा करें।
प्रथम अपील के साथ संलग्न दस्तावेज
| क्रम |
दस्तावेज |
| 1 |
RTI आवेदन की प्रति |
| 2 |
डाक / ऑनलाइन रसीद |
| 3 |
PIO का उत्तर (यदि प्राप्त हुआ हो) |
| 4 |
अन्य संबंधित दस्तावेज |
अपील करते समय सभी दस्तावेजों की
स्वप्रमाणित (Self Attested) प्रतियाँ संलग्न करना उचित रहता है।
द्वितीय अपील का प्रारूप
यदि प्रथम अपील के बाद भी संतोषजनक सूचना प्राप्त नहीं होती,
या प्रथम अपीलीय प्राधिकारी द्वारा निर्धारित समय में कोई निर्णय नहीं दिया जाता,
तो आवेदक द्वितीय अपील कर सकता है।
सेवा में,
माननीय राज्य / केंद्रीय सूचना आयोग
___________________________
विषय :
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत द्वितीय अपील।
महोदय / महोदया,
मैंने दिनांक __________ को प्रथम अपील प्रस्तुत की थी,
किन्तु आज तक उचित निर्णय प्राप्त नहीं हुआ।
अतः कृपया इस प्रकरण में आवश्यक आदेश पारित करने की कृपा करें।
द्वितीय अपील के साथ संलग्न दस्तावेज
| क्रम |
दस्तावेज |
| 1 |
मूल RTI आवेदन की प्रति |
| 2 |
आवेदन जमा करने का प्रमाण |
| 3 |
PIO द्वारा दिया गया उत्तर (यदि उपलब्ध हो) |
| 4 |
प्रथम अपील की प्रति |
| 5 |
प्रथम अपील के निर्णय की प्रति (यदि उपलब्ध हो) |
| 6 |
अन्य आवश्यक दस्तावेज |
अपील करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- सभी दस्तावेजों की प्रतियाँ सुरक्षित रखें।
- तारीख एवं आवेदन संख्या अवश्य लिखें।
- स्पष्ट रूप से बताएं कि सूचना क्यों नहीं मिली।
- तथ्यों एवं रिकॉर्ड के आधार पर अपील करें।
- कानूनी एवं शिष्ट भाषा का प्रयोग करें।
व्यावहारिक उदाहरण
यदि किसी पंचायत में सड़क निर्माण कार्य हुआ है और उसका भुगतान कर दिया गया है,
लेकिन कार्य अधूरा है, तो RTI के माध्यम से निम्न सूचना माँगी जा सकती है—
- कार्य स्वीकृति आदेश की प्रति।
- कार्य आदेश (Work Order)।
- Measurement Book (MB)।
- कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र।
- भुगतान विवरण।
- निरीक्षण रिपोर्ट।
RTI Activist के लिए विशेष सुझाव
- कभी भी झूठे तथ्य प्रस्तुत न करें।
- अपील में केवल वही बातें लिखें जिनका रिकॉर्ड उपलब्ध हो।
- भावनात्मक भाषा से बचें।
- सभी पत्राचार की फाइल बनाकर रखें।
- समय सीमा का विशेष ध्यान रखें।
Chapter Summary (सारांश)
- प्रथम अपील विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) को की जाती है।
- द्वितीय अपील सूचना आयोग में की जाती है।
- सभी दस्तावेजों की प्रतियाँ सुरक्षित रखना आवश्यक है।
- अपील हमेशा तथ्यों एवं उपलब्ध रिकॉर्ड पर आधारित होनी चाहिए।
- RTI कानून नागरिकों को सूचना प्राप्त करने का प्रभावी अधिकार देता है।
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
1. द्वितीय अपील कहाँ की जाती है?
A. जिला पदाधिकारी
B. थाना
C. सूचना आयोग ✔
D. पंचायत
2. प्रथम अपील किसके पास की जाती है?
A. PIO
B. प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) ✔
C. सूचना आयोग
D. मुख्यमंत्री
"सही अपील आपके सूचना के अधिकार को प्रभावी बनाती है।"