धारा 4 क्या है?
धारा 4 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक
लोक प्राधिकरण (Public Authority) अपनी महत्वपूर्ण सूचनाएँ
स्वयं ही जनता के लिए उपलब्ध कराए, ताकि नागरिकों को
अनावश्यक रूप से RTI आवेदन दाखिल न करना पड़े।
सरल भाषा में :
सरकार और सरकारी विभागों को अपनी महत्वपूर्ण जानकारी,
नियम, अधिकारियों की सूची, बजट, योजनाएँ, निर्णय,
लाभार्थियों का विवरण तथा अन्य आवश्यक सूचनाएँ
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करानी चाहिए।
धारा 4 का मुख्य उद्देश्य
✔ पारदर्शिता बढ़ाना
सरकारी कार्यों को जनता के सामने पारदर्शी बनाना।
✔ जवाबदेही सुनिश्चित करना
प्रत्येक लोक प्राधिकरण को अपने कार्यों के प्रति उत्तरदायी बनाना।
✔ RTI आवेदनों की संख्या कम करना
यदि सूचना पहले से सार्वजनिक होगी तो नागरिकों को RTI लगाने की आवश्यकता कम पड़ेगी।
✔ नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराना
महत्वपूर्ण सरकारी सूचनाएँ सभी नागरिकों तक आसानी से पहुँचाना।
धारा 4(1)(a) - अभिलेखों का रख-रखाव (Record Management)
प्रत्येक लोक प्राधिकरण का यह कानूनी दायित्व है कि वह अपने सभी
अभिलेखों (Records) को व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखे।
लोक प्राधिकरण को चाहिए कि वह:
- सभी अभिलेखों का सही वर्गीकरण (Classification) करे।
- रिकॉर्ड का अनुक्रमण (Indexing) करे।
- रिकॉर्ड का सूचीकरण (Cataloguing) करे।
- जहाँ संभव हो, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण (Computerization) करे।
- रिकॉर्ड को नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था करे।
सरल भाषा में:
सरकारी विभाग अपने रिकॉर्ड इस प्रकार रखें कि आवश्यकता पड़ने पर
सूचना आसानी से खोजी और उपलब्ध कराई जा सके।
धारा 4(1)(b) - स्वप्रेरित सूचना प्रकटीकरण (Proactive Disclosure)
प्रत्येक लोक प्राधिकरण को अपनी महत्वपूर्ण सूचनाएँ
बिना RTI आवेदन प्राप्त किए स्वयं सार्वजनिक करनी चाहिए।
महत्वपूर्ण:
RTI Act के अनुसार कुल 17 प्रकार की सूचनाएँ
प्रत्येक लोक प्राधिकरण को अपनी वेबसाइट, सूचना पट्ट एवं अन्य माध्यमों से
सार्वजनिक करनी होती हैं।
धारा 4(1)(b) के अंतर्गत प्रकाशित की जाने वाली 17 सूचनाएँ
| क्रम |
प्रकाशित की जाने वाली सूचना |
| 1 |
संगठन, कार्य एवं दायित्व (Organisation, Functions and Duties) |
| 2 |
अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शक्तियाँ एवं कर्तव्य |
| 3 |
निर्णय लेने की प्रक्रिया एवं उत्तरदायित्व |
| 4 |
कार्यों के निष्पादन के मानक (Norms) |
| 5 |
नियम, विनियम, निर्देश एवं मैनुअल |
| 6 |
उपलब्ध दस्तावेजों की श्रेणियाँ |
| 7 |
जनभागीदारी एवं परामर्श की व्यवस्था |
| 8 |
बोर्ड, परिषद, समिति एवं अन्य निकायों का विवरण |
| 9 |
अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निर्देशिका (Directory) |
उदाहरण
यदि किसी जिला कार्यालय की वेबसाइट पर
अधिकारियों की सूची, बजट, योजनाएँ, RTI अधिकारी,
कार्यालय समय तथा संपर्क विवरण पहले से उपलब्ध हैं,
तो नागरिक को वही जानकारी प्राप्त करने के लिए
अलग से RTI आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।
धारा 4(1)(b) की शेष अनिवार्य सूचनाएँ
| क्रम |
प्रकाशित की जाने वाली सूचना |
| 10 |
अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मासिक वेतन |
| 11 |
बजट, योजनाएँ एवं व्यय का विवरण |
| 12 |
सब्सिडी योजनाओं एवं लाभार्थियों का विवरण |
| 13 |
प्रदान किए गए लाइसेंस, परमिट एवं रियायतों का विवरण |
| 14 |
इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध सूचना का विवरण |
| 15 |
नागरिकों के लिए उपलब्ध सूचना सुविधाएँ, पुस्तकालय एवं वाचनालय का विवरण |
| 16 |
लोक सूचना अधिकारी (PIO), सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का विवरण |
| 17 |
अन्य निर्धारित सूचनाएँ एवं उनका वार्षिक अद्यतन |
धारा 4(2), 4(3) एवं 4(4)
धारा 4(2)
प्रत्येक लोक प्राधिकरण निरंतर प्रयास करेगा कि अधिकतम सूचना
स्वयं ही नियमित रूप से जनता को उपलब्ध कराए, ताकि RTI आवेदन
करने की आवश्यकता न्यूनतम हो।
धारा 4(3)
प्रकाशित की जाने वाली सूचना सरल, स्पष्ट एवं सभी नागरिकों
के लिए आसानी से उपलब्ध होने वाली होनी चाहिए।
धारा 4(4)
सूचना स्थानीय भाषा, किफायती माध्यम तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप में
भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जहाँ तक संभव हो।
परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
-
✔ धारा 4 को RTI Act की सबसे महत्वपूर्ण धाराओं में माना जाता है।
-
✔ धारा 4 का उद्देश्य स्वप्रेरित सूचना प्रकटीकरण (Proactive Disclosure) है।
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✔ प्रत्येक लोक प्राधिकरण को 17 प्रकार की सूचनाएँ सार्वजनिक करनी होती हैं।
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✔ वेबसाइट पर जानकारी नियमित रूप से अद्यतन (Update) की जानी चाहिए।
-
✔ जितनी अधिक जानकारी सार्वजनिक होगी, उतने कम RTI आवेदन दायर होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न 1:
Proactive Disclosure क्या है?
उत्तर:
ऐसी सूचना जिसे सरकारी विभाग बिना RTI आवेदन प्राप्त किए स्वयं प्रकाशित करे।
प्रश्न 2:
क्या प्रत्येक सरकारी विभाग की वेबसाइट पर RTI जानकारी होनी चाहिए?
उत्तर:
हाँ, धारा 4(1)(b) के अनुसार आवश्यक सूचनाएँ वेबसाइट पर प्रकाशित की जानी चाहिए।
प्रश्न 3:
धारा 4 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
पारदर्शिता बढ़ाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा RTI आवेदनों की आवश्यकता कम करना।
निष्कर्ष
RTI Act, 2005 की धारा 4 प्रत्येक लोक प्राधिकरण को यह दायित्व देती है
कि वह अपनी महत्वपूर्ण सूचनाएँ समय-समय पर स्वयं सार्वजनिक करे।
इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ती है, भ्रष्टाचार कम होता है तथा
नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में सुविधा होती है।