RTI Act, 2005

धारा 5 - लोक सूचना अधिकारियों की नियुक्ति

Designation of Public Information Officers

धारा 5 क्या कहती है?
प्रत्येक लोक प्राधिकरण (Public Authority) को आवश्यक संख्या में लोक सूचना अधिकारी (PIO) तथा सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) नियुक्त करने होंगे, ताकि नागरिकों द्वारा मांगी गई सूचना समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
सरल भाषा में: प्रत्येक सरकारी कार्यालय में ऐसे अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं जिनका मुख्य कार्य RTI आवेदन प्राप्त करना, उसका निस्तारण करना तथा निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध कराना होता है।
धारा 5 का उद्देश्य

✔ RTI आवेदन स्वीकार करना

नागरिकों द्वारा दिए गए RTI आवेदन प्राप्त करना।

✔ समय पर सूचना उपलब्ध कराना

निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराना।

✔ नागरिकों की सहायता करना

सूचना मांगने वाले व्यक्ति को आवश्यक सहायता प्रदान करना।

✔ RTI व्यवस्था को प्रभावी बनाना

प्रत्येक विभाग में सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना।

धारा 5(1) - लोक सूचना अधिकारी (PIO) की नियुक्ति

प्रत्येक लोक प्राधिकरण (Public Authority) को RTI Act लागू होने के 100 दिनों के भीतर आवश्यक संख्या में Central Public Information Officer (CPIO) अथवा State Public Information Officer (SPIO) नियुक्त करना अनिवार्य है।

PIO की मुख्य जिम्मेदारियाँ
  • RTI आवेदन प्राप्त करना।
  • सम्बंधित शाखा से सूचना एकत्र करना।
  • निर्धारित समय सीमा में सूचना उपलब्ध कराना।
  • आवश्यक होने पर सूचना अस्वीकार करने का कारण लिखित रूप में बताना।
  • अपील का अधिकार बताना।
धारा 5(2) - सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO)

प्रत्येक उप-मंडल (Sub-Division) अथवा उप-जिला स्तर पर Assistant Public Information Officer (APIO) नियुक्त किया जाता है।

APIO का कार्य
  • RTI आवेदन प्राप्त करना।
  • प्रथम अपील प्राप्त करना।
  • आवेदन को संबंधित PIO तक भेजना।
  • आवेदन मिलने पर उत्तर की समय-सीमा की गणना में 5 दिन अतिरिक्त जोड़े जाते हैं।
धारा 5(3) - PIO का कर्तव्य

प्रत्येक PIO का दायित्व है कि वह सूचना मांगने वाले व्यक्ति की यथासंभव सहायता करे तथा सूचना उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया को सरल बनाए।

✔ आवेदन स्वीकार करना

किसी भी वैध RTI आवेदन को स्वीकार करना।

✔ नागरिक की सहायता

यदि आवेदक लिख नहीं सकता, तो आवेदन तैयार कराने में सहायता देना।

✔ सही सूचना देना

उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सही एवं पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना।

✔ समय सीमा का पालन

RTI Act में निर्धारित समय सीमा का पालन करना।

उदाहरण
यदि किसी नागरिक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में RTI आवेदन दिया, तो संबंधित PIO उस आवेदन को स्वीकार करेगा, आवश्यक रिकॉर्ड एकत्र करेगा तथा निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध कराएगा।
धारा 5(4) - अन्य अधिकारी की सहायता लेना

यदि लोक सूचना अधिकारी (PIO) को सूचना उपलब्ध कराने के लिए किसी अन्य अधिकारी की सहायता की आवश्यकता होती है, तो वह उस अधिकारी से सहायता मांग सकता है।

उदाहरण : यदि मांगी गई सूचना लेखा शाखा, अभियंत्रण शाखा या स्थापना शाखा में उपलब्ध है, तो PIO संबंधित अधिकारी से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने हेतु सहायता मांग सकता है।
धारा 5(5) - सहायता देने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी

जिस अधिकारी से PIO सहायता मांगता है, वह सहायता देने के लिए बाध्य होगा।

यदि वह अधिकारी सूचना देने में लापरवाही करता है, तो RTI Act के उद्देश्य से उसे भी लोक सूचना अधिकारी (Deemed PIO) माना जाएगा तथा उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
PIO, APIO एवं Deemed PIO में अंतर
अधिकारी मुख्य कार्य
PIO RTI आवेदन का निस्तारण करना एवं सूचना उपलब्ध कराना।
APIO आवेदन एवं अपील प्राप्त कर संबंधित PIO को भेजना।
Deemed PIO PIO द्वारा सहायता के लिए नामित अधिकारी, जो सूचना उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होता है।
परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
  • ✔ प्रत्येक लोक प्राधिकरण में PIO की नियुक्ति अनिवार्य है।
  • ✔ APIO आवेदन प्राप्त कर उसे संबंधित PIO को अग्रेषित करता है।
  • ✔ APIO को आवेदन देने पर उत्तर की समय-सीमा में 5 दिन अतिरिक्त जुड़ते हैं।
  • ✔ PIO आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी से सहायता मांग सकता है।
  • ✔ सहायता देने वाला अधिकारी Deemed PIO माना जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQ)

प्रश्न 1: PIO कौन होता है?

उत्तर: वह अधिकारी जो RTI आवेदन स्वीकार करता है और सूचना उपलब्ध कराता है।


प्रश्न 2: APIO का क्या कार्य है?

उत्तर: RTI आवेदन एवं अपील प्राप्त कर संबंधित PIO को भेजना।


प्रश्न 3: Deemed PIO कौन होता है?

उत्तर: वह अधिकारी जिससे PIO ने धारा 5(4) के अंतर्गत सहायता मांगी हो।


प्रश्न 4: यदि सहायता देने वाला अधिकारी सूचना देने में देरी करे तो क्या होगा?

उत्तर: उसे भी RTI Act के अंतर्गत उत्तरदायी माना जा सकता है और आवश्यक होने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

निष्कर्ष

RTI Act, 2005 की धारा 5 का उद्देश्य प्रत्येक लोक प्राधिकरण में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है जिससे नागरिकों को समयबद्ध, सही एवं पूर्ण सूचना प्राप्त हो सके। PIO, APIO तथा आवश्यकता पड़ने पर Deemed PIO मिलकर सूचना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाते हैं।