RTI Activist Training

अध्याय - 4

RTI की समय सीमा एवं अपील प्रक्रिया

परिचय

यदि किसी नागरिक को RTI आवेदन के बाद समय पर सूचना प्राप्त नहीं होती या अधूरी अथवा गलत सूचना दी जाती है, तो RTI Act में अपील करने का अधिकार दिया गया है।

महत्वपूर्ण

RTI Act केवल सूचना मांगने का अधिकार ही नहीं देता, बल्कि सूचना न मिलने पर अपील करने का भी अधिकार देता है।

RTI में सूचना देने की समय सीमा

लोक सूचना अधिकारी (PIO) को निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध करानी होती है।

स्थिति समय सीमा
सामान्य RTI आवेदन 30 दिन
APIO के माध्यम से आवेदन 35 दिन
जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित मामला 48 घंटे
Third Party मामला 40 दिन
यदि निर्धारित समय सीमा में सूचना नहीं दी जाती, तो इसे सूचना देने से इंकार माना जा सकता है और अपील की जा सकती है।

प्रथम अपील (First Appeal)

यदि PIO द्वारा सूचना नहीं दी जाती, अधूरी सूचना दी जाती है या गलत सूचना दी जाती है, तो आवेदक प्रथम अपील कर सकता है।

  • प्रथम अपील विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) के पास की जाती है।
  • आमतौर पर 30 दिनों के भीतर अपील करना उचित होता है।
  • अपील में RTI आवेदन की प्रति एवं प्राप्त उत्तर संलग्न करें।
ध्यान दें: प्रथम अपील में तथ्यों के आधार पर स्पष्ट रूप से लिखें कि सूचना क्यों नहीं मिली या क्यों अधूरी है।

द्वितीय अपील (Second Appeal)

यदि प्रथम अपील के बाद भी संतोषजनक सूचना प्राप्त नहीं होती या प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) द्वारा उचित निर्णय नहीं दिया जाता, तो आवेदक द्वितीय अपील कर सकता है।

द्वितीय अपील कहाँ करें?
  • केंद्रीय विभाग होने पर केंद्रीय सूचना आयोग (CIC)
  • राज्य विभाग होने पर राज्य सूचना आयोग (SIC)

शिकायत (Complaint)

कुछ परिस्थितियों में नागरिक सीधे सूचना आयोग में शिकायत भी दर्ज करा सकता है।

  • PIO नियुक्त नहीं किया गया हो।
  • RTI आवेदन स्वीकार करने से मना कर दिया गया हो।
  • अनुचित शुल्क मांगा गया हो।
  • सूचना देने में अनावश्यक विलंब किया गया हो।
  • जानबूझकर गलत या भ्रामक सूचना दी गई हो।

PIO पर दंड (Penalty)

यदि लोक सूचना अधिकारी बिना उचित कारण के सूचना देने में देरी करता है, जानबूझकर गलत सूचना देता है, या आवेदन स्वीकार करने से इंकार करता है, तो सूचना आयोग उसके विरुद्ध दंड लगा सकता है।

दंड का प्रकार विवरण
प्रतिदिन दंड ₹250 प्रति दिन
अधिकतम दंड ₹25,000
महत्वपूर्ण: यदि PIO यह सिद्ध कर देता है कि देरी उचित कारणों से हुई, तो दंड नहीं लगाया जाता।

सूचना आयोग की भूमिका

सूचना आयोग RTI अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करता है और अपील एवं शिकायतों का निपटारा करता है।

  • अपीलों की सुनवाई करना।
  • शिकायतों का निपटारा करना।
  • PIO पर दंड लगाने का अधिकार।
  • सूचना उपलब्ध कराने का आदेश देना।
  • RTI कानून के अनुपालन की निगरानी करना।

एक RTI Activist को क्या करना चाहिए?

  • समय सीमा का ध्यान रखें।
  • RTI आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें।
  • डाक रसीद एवं भुगतान रसीद सुरक्षित रखें।
  • समय पर प्रथम एवं द्वितीय अपील करें।
  • सभी दस्तावेज़ व्यवस्थित रखें।

Chapter Summary (सारांश)

  • सामान्य RTI आवेदन का उत्तर 30 दिनों में मिलना चाहिए।
  • सूचना न मिलने पर प्रथम अपील की जा सकती है।
  • प्रथम अपील से संतुष्ट न होने पर द्वितीय अपील की जा सकती है।
  • PIO पर ₹250 प्रतिदिन (अधिकतम ₹25,000) का दंड लगाया जा सकता है।
  • सूचना आयोग RTI मामलों का सर्वोच्च अपीलीय निकाय है।

अभ्यास प्रश्न

1. सामान्य RTI आवेदन का उत्तर कितने दिनों में दिया जाता है?

A. 15 दिन
B. 20 दिन
C. 30 दिन ✔
D. 45 दिन


2. PIO पर अधिकतम कितना दंड लगाया जा सकता है?

A. ₹10,000
B. ₹15,000
C. ₹20,000
D. ₹25,000 ✔

"समय पर अपील करना आपके सूचना के अधिकार की रक्षा करता है।"