धारा 10 क्या कहती है?
यदि किसी रिकॉर्ड का कुछ भाग RTI Act की
धारा 8 या धारा 9 के अंतर्गत गोपनीय (Exempt) है,
लेकिन शेष भाग सार्वजनिक किया जा सकता है,
तो केवल गोपनीय भाग हटाकर (Sever) बाकी सूचना
आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी।
सरल भाषा में :
यदि किसी फाइल में 100 पृष्ठ हैं और उनमें से केवल
5 पृष्ठ गोपनीय हैं, तो पूरे आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा।
केवल गोपनीय भाग हटाकर शेष 95 पृष्ठ उपलब्ध कराए जाएंगे।
धारा 10 का उद्देश्य
✔ अधिकतम सूचना उपलब्ध कराना
जहाँ तक संभव हो, नागरिक को अधिक से अधिक सूचना उपलब्ध कराना।
✔ केवल गोपनीय भाग हटाना
केवल वही भाग हटाना जो कानून के अनुसार गोपनीय है।
✔ पारदर्शिता बनाए रखना
अनावश्यक रूप से पूरी सूचना रोकने के बजाय शेष सूचना उपलब्ध कराना।
✔ नागरिकों के सूचना अधिकार की रक्षा
सूचना के अधिकार और गोपनीयता के बीच संतुलन स्थापित करना।
धारा 10(1) - गोपनीय भाग हटाकर सूचना देना
यदि किसी रिकॉर्ड का कुछ भाग
धारा 8 या धारा 9 के अंतर्गत
सूचना देने से छूट (Exempt) प्राप्त है,
लेकिन शेष भाग सार्वजनिक किया जा सकता है,
तो लोक सूचना अधिकारी (PIO) केवल गोपनीय भाग को
हटाकर (Sever) शेष रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा।
अर्थात् :
पूरी फाइल या पूरा दस्तावेज़ केवल इसलिए अस्वीकार
नहीं किया जा सकता कि उसका कोई छोटा भाग गोपनीय है।
सूचना का पृथक्करण (Severability) कैसे किया जाता है?
| क्रम |
प्रक्रिया |
| 1 |
रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाता है। |
| 2 |
धारा 8 या 9 के अंतर्गत आने वाले भाग की पहचान की जाती है। |
| 3 |
केवल गोपनीय भाग को हटाया (Mask/Redact) जाता है। |
| 4 |
शेष रिकॉर्ड आवेदक को उपलब्ध कराया जाता है। |
| 5 |
PIO लिखित रूप में बताता है कि कौन-सा भाग हटाया गया और क्यों। |
धारा 10(2) - आवेदक को सूचना देना
जब किसी रिकॉर्ड का केवल एक भाग उपलब्ध कराया जाता है,
तो PIO को आवेदक को लिखित सूचना देना अनिवार्य होता है।
इस सूचना में निम्न बातें शामिल होंगी :
- केवल रिकॉर्ड का एक भाग उपलब्ध कराया जा रहा है।
- कौन-सा भाग हटाया गया है।
- भाग हटाने का कानूनी कारण।
- निर्णय लेने वाले अधिकारी का नाम एवं पद।
- यदि कोई शुल्क देय है तो उसका विवरण।
- प्रथम अपील करने का अधिकार एवं संबंधित अधिकारी का विवरण।
सरल उदाहरण
किसी विभाग की जांच रिपोर्ट में कुल 50 पृष्ठ हैं।
इनमें से 3 पृष्ठों पर किसी गुप्त मुखबिर की पहचान दर्ज है,
जो धारा 8(1)(g) के अंतर्गत संरक्षित है।
ऐसी स्थिति में PIO उन 3 पृष्ठों अथवा केवल पहचान वाले भाग
को हटाकर शेष रिपोर्ट आवेदक को उपलब्ध कराएगा।
पूरे दस्तावेज़ को अस्वीकार नहीं किया जाएगा।
परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
-
✔ धारा 10 को Severability Clause कहा जाता है।
-
✔ यदि रिकॉर्ड का केवल कुछ भाग गोपनीय है, तो पूरा रिकॉर्ड अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
-
✔ केवल धारा 8 या धारा 9 के अंतर्गत आने वाले भाग को हटाया जाएगा।
-
✔ शेष उपलब्ध सूचना आवेदक को प्रदान करना अनिवार्य है।
-
✔ PIO को लिखित रूप में यह बताना होगा कि कौन-सा भाग हटाया गया और क्यों।
ध्यान रखने योग्य बातें
- सूचना का केवल गोपनीय भाग (Exempt Portion) ही हटाया जा सकता है।
- शेष रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से इंकार नहीं किया जा सकता।
- PIO को अपने निर्णय का स्पष्ट कारण लिखना आवश्यक है।
- यदि आवेदक निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह प्रथम एवं द्वितीय अपील कर सकता है।
- धारा 10 का उद्देश्य अधिकतम सूचना उपलब्ध कराना है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न 1 :
Severability का क्या अर्थ है?
उत्तर :
किसी रिकॉर्ड के गोपनीय भाग को अलग (Sever) करके शेष सूचना उपलब्ध कराना।
प्रश्न 2 :
क्या पूरा दस्तावेज़ रोका जा सकता है?
उत्तर :
नहीं। यदि केवल कुछ भाग गोपनीय है, तो बाकी दस्तावेज़ उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रश्न 3 :
गोपनीय भाग किन धाराओं के अंतर्गत हो सकता है?
उत्तर :
सामान्यतः धारा 8 या धारा 9 के अंतर्गत छूट प्राप्त सूचना।
प्रश्न 4 :
यदि PIO पूरा रिकॉर्ड देने से मना कर दे तो क्या करें?
उत्तर :
यदि रिकॉर्ड का कुछ भाग उपलब्ध कराया जा सकता था, तो आप प्रथम अपील तथा आवश्यकता होने पर द्वितीय अपील कर सकते हैं।
निष्कर्ष
RTI Act, 2005 की धारा 10 नागरिकों के सूचना के अधिकार को
मजबूत बनाती है। यदि किसी दस्तावेज़ का केवल कुछ भाग गोपनीय है,
तो केवल उसी भाग को हटाकर शेष सूचना उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इससे पारदर्शिता भी बनी रहती है और कानून द्वारा संरक्षित
गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।