RTI Act, 2005

धारा 9 - सूचना देने से इंकार करने के आधार

Grounds for Rejection to Access in Certain Cases

धारा 9 क्या कहती है?
यदि किसी सूचना को उपलब्ध कराने से राज्य (State) के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के कॉपीराइट (Copyright) का उल्लंघन होता हो, तो लोक सूचना अधिकारी (PIO) उस सूचना को देने से इंकार कर सकता है।
सरल भाषा में : RTI Act के माध्यम से ऐसी सूचना प्राप्त नहीं की जा सकती जिसकी प्रतिलिपि देने से किसी निजी व्यक्ति, संस्था, लेखक, प्रकाशक या अन्य कॉपीराइट धारक के अधिकारों का उल्लंघन हो।
धारा 9 का उद्देश्य

✔ कॉपीराइट की सुरक्षा

निजी व्यक्तियों एवं संस्थाओं के कॉपीराइट अधिकारों की रक्षा करना।

✔ बौद्धिक संपदा की सुरक्षा

पुस्तकों, शोध, डिज़ाइन, नक्शों एवं अन्य बौद्धिक संपदा को सुरक्षित रखना।

✔ RTI का संतुलित उपयोग

सूचना के अधिकार और कॉपीराइट कानून के बीच संतुलन बनाए रखना।

✔ कानूनी अधिकारों की रक्षा

किसी अन्य व्यक्ति के वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होने से रोकना।

धारा 9 का मुख्य कानूनी प्रावधान

यदि किसी सूचना की प्रतिलिपि (Copy) उपलब्ध कराने से राज्य (State) के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के कॉपीराइट (Copyright) का उल्लंघन होता है, तो लोक सूचना अधिकारी (PIO) उस सूचना को देने से इंकार कर सकता है।

ध्यान दें : धारा 9 केवल कॉपीराइट (Copyright) से संबंधित है। यह सभी प्रकार की सूचनाओं पर लागू नहीं होती।
किन परिस्थितियों में सूचना देने से इंकार किया जा सकता है?
क्रम स्थिति निर्णय
1 निजी प्रकाशक की पुस्तक की पूरी कॉपी सूचना रोकी जा सकती है
2 किसी निजी कंपनी का कॉपीराइट डिज़ाइन सूचना रोकी जा सकती है
3 सरकारी विभाग द्वारा तैयार सामान्य रिकॉर्ड सामान्यतः उपलब्ध कराया जा सकता है
4 ऐसी सूचना जिसका कॉपीराइट राज्य (State) के पास हो केवल धारा 9 के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जा सकता
सरल उदाहरण
उदाहरण 1 : यदि कोई व्यक्ति किसी निजी प्रकाशन की पूरी पुस्तक की प्रमाणित प्रति RTI के माध्यम से मांगता है, तो PIO धारा 9 के आधार पर आवेदन अस्वीकार कर सकता है।
उदाहरण 2 : यदि किसी सरकारी विभाग के पास किसी निजी कंपनी का कॉपीराइट युक्त नक्शा या डिज़ाइन उपलब्ध है, तो उसकी प्रतिलिपि देना कॉपीराइट का उल्लंघन हो सकता है।
धारा 8 एवं धारा 9 में अंतर
धारा 8 धारा 9
विभिन्न प्रकार की गोपनीय सूचनाओं को छूट प्रदान करती है। केवल कॉपीराइट उल्लंघन से संबंधित मामलों पर लागू होती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी, जांच आदि शामिल हैं। केवल तीसरे पक्ष (State के अलावा) के Copyright की सुरक्षा करती है।
अनेक उपधाराएँ हैं। केवल एक संक्षिप्त प्रावधान है।
परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
  • ✔ धारा 9 केवल Copyright (कॉपीराइट) से संबंधित है।
  • ✔ धारा 9 में केवल एक ही आधार पर सूचना देने से इंकार किया जा सकता है।
  • ✔ यदि सूचना देने से राज्य (State) के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के Copyright का उल्लंघन होता है, तभी धारा 9 लागू होगी।
  • ✔ सरकारी रिकॉर्ड पर केवल धारा 9 का हवाला देकर सूचना से हमेशा इंकार नहीं किया जा सकता।
  • ✔ धारा 8 और धारा 9 दोनों अलग-अलग प्रावधान हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
  • RTI Act का उद्देश्य सूचना उपलब्ध कराना है, अनावश्यक रूप से रोकना नहीं।
  • धारा 9 का प्रयोग केवल कॉपीराइट उल्लंघन की स्थिति में किया जा सकता है।
  • यदि कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं होता है, तो केवल धारा 9 के आधार पर सूचना अस्वीकार नहीं की जा सकती।
  • PIO को सूचना अस्वीकार करते समय उचित कानूनी कारण लिखित रूप में बताना चाहिए।
  • सूचना अस्वीकार होने पर आवेदक प्रथम अपील और आवश्यक होने पर द्वितीय अपील कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQ)

प्रश्न 1 : क्या धारा 9 के अंतर्गत हर सूचना रोकी जा सकती है?

उत्तर : नहीं। केवल वही सूचना रोकी जा सकती है जिसकी प्रतिलिपि देने से किसी तीसरे पक्ष (State के अतिरिक्त) के Copyright का उल्लंघन होता हो।


प्रश्न 2 : क्या सरकारी दस्तावेज़ों पर भी धारा 9 लागू होती है?

उत्तर : केवल इसलिए नहीं कि दस्तावेज़ सरकारी विभाग के पास है। यदि किसी अन्य व्यक्ति के Copyright का उल्लंघन नहीं होता, तो धारा 9 स्वतः लागू नहीं होती।


प्रश्न 3 : यदि PIO धारा 9 के आधार पर सूचना देने से मना कर दे तो क्या करें?

उत्तर : आप RTI Act के अनुसार प्रथम अपील और आवश्यकता होने पर द्वितीय अपील दायर कर सकते हैं।


प्रश्न 4 : क्या धारा 9 और धारा 8 एक ही हैं?

उत्तर : नहीं। धारा 8 विभिन्न प्रकार की छूट (Exemptions) से संबंधित है, जबकि धारा 9 केवल Copyright उल्लंघन से संबंधित है।

निष्कर्ष

RTI Act, 2005 की धारा 9 एक विशेष प्रावधान है, जिसका उद्देश्य सूचना के अधिकार और Copyright कानून के बीच संतुलन बनाए रखना है। यह धारा केवल उन मामलों में लागू होती है जहाँ सूचना उपलब्ध कराने से राज्य (State) के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के Copyright का उल्लंघन होने की संभावना हो। इसलिए धारा 9 का उपयोग केवल उचित और सीमित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है।