RTI Act, 2005

धारा 12 - केंद्रीय सूचना आयोग

Constitution of the Central Information Commission

धारा 12 क्या कहती है?
धारा 12 के अनुसार भारत सरकार राजपत्र (Official Gazette) में अधिसूचना जारी करके केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission - CIC) का गठन करेगी, जो RTI Act के अंतर्गत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करेगा तथा अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित कार्यों का पालन करेगा।
सरल भाषा में : RTI कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने, द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की सुनवाई करने तथा नागरिकों के सूचना के अधिकार की रक्षा करने के लिए केंद्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र आयोग बनाया जाता है, जिसे केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) कहा जाता है।
धारा 12 का उद्देश्य

✔ केंद्रीय सूचना आयोग का गठन

RTI Act के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु केंद्रीय सूचना आयोग की स्थापना करना।

✔ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा

सूचना प्राप्त करने के अधिकार को प्रभावी एवं सुरक्षित बनाना।

✔ स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्था

अपीलों एवं शिकायतों का निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से निपटारा करना।

✔ पारदर्शिता एवं जवाबदेही

केंद्र सरकार के लोक प्राधिकरणों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा देना।

धारा 12(2) - केंद्रीय सूचना आयोग की संरचना

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में निम्नलिखित सदस्य होते हैं—

  • एक मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner - CIC)
  • आवश्यकतानुसार अधिकतम 10 सूचना आयुक्त (Information Commissioners)
आयोग में कितने सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाएंगे, यह आवश्यकता के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है, लेकिन उनकी संख्या 10 से अधिक नहीं हो सकती।
धारा 12(3) - नियुक्ति समिति

मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

राष्ट्रपति निम्न समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं :
  • प्रधानमंत्री — समिति के अध्यक्ष
  • लोकसभा में विपक्ष के नेता
  • प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री
धारा 12(4) - आयोग का प्रशासन

केंद्रीय सूचना आयोग का सामान्य अधीक्षण, निर्देशन एवं प्रबंधन मुख्य सूचना आयुक्त के अधीन होगा।

मुख्य सूचना आयुक्त की सहायता सूचना आयुक्त करेंगे तथा आयोग स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का प्रयोग करेगा।
धारा 12(5) - कौन बन सकता है सूचना आयुक्त?

मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्त सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित (Persons of Eminence) व्यक्ति होने चाहिए तथा उन्हें निम्न क्षेत्रों में व्यापक ज्ञान एवं अनुभव होना चाहिए—

✔ विधि (Law)
✔ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
✔ समाज सेवा
✔ प्रबंधन
✔ पत्रकारिता एवं जनसंचार
✔ प्रशासन एवं सुशासन
सरल उदाहरण
यदि किसी नागरिक की द्वितीय अपील किसी केंद्रीय मंत्रालय के विरुद्ध है, तो उसकी सुनवाई केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) द्वारा की जाएगी। आयोग स्वतंत्र रूप से दोनों पक्षों को सुनकर RTI Act के अनुसार निर्णय देगा।
धारा 12(6) - सूचना आयुक्त बनने की अयोग्यता

मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner) अथवा सूचना आयुक्त (Information Commissioner) निम्न में से कोई भी नहीं होना चाहिए—

  • संसद (MP) का सदस्य।
  • किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की विधानमंडल का सदस्य।
  • किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर कार्यरत व्यक्ति।
  • किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ व्यक्ति।
  • कोई व्यवसाय (Business) करने वाला व्यक्ति।
  • कोई अन्य पेशा (Profession) करने वाला व्यक्ति।
धारा 12(7) - मुख्यालय

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा।

आवश्यकता पड़ने पर, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से आयोग भारत के अन्य स्थानों पर भी अपने कार्यालय स्थापित कर सकता है।
केंद्रीय सूचना आयोग के प्रमुख कार्य
✔ द्वितीय अपील की सुनवाई

केंद्रीय लोक प्राधिकरणों से संबंधित द्वितीय अपीलों का निपटारा।

✔ शिकायतों का निस्तारण

RTI Act की धारा 18 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की सुनवाई।

✔ RTI कानून का अनुपालन

केंद्र सरकार के लोक प्राधिकरणों में RTI Act के पालन की निगरानी।

✔ पारदर्शिता को बढ़ावा

प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना।

परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
  • ✔ केंद्रीय सूचना आयोग का गठन RTI Act की धारा 12 के अंतर्गत किया गया है।
  • ✔ आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त तथा आवश्यकता अनुसार अधिकतम 10 सूचना आयुक्त हो सकते हैं।
  • ✔ नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • ✔ आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • ✔ आयोग एक स्वतंत्र वैधानिक (Statutory) संस्था है।
Frequently Asked Questions (FAQ)

प्रश्न 1 : केंद्रीय सूचना आयोग का गठन किस धारा के अंतर्गत हुआ है?

उत्तर : RTI Act, 2005 की धारा 12 के अंतर्गत।


प्रश्न 2 : केंद्रीय सूचना आयोग का मुख्यालय कहाँ है?

उत्तर : नई दिल्ली।


प्रश्न 3 : मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?

उत्तर : भारत के राष्ट्रपति, चयन समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं।


प्रश्न 4 : क्या कोई सांसद सूचना आयुक्त बन सकता है?

उत्तर : नहीं। धारा 12(6) के अनुसार सांसद, विधायक, लाभ के पद पर आसीन व्यक्ति, राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति या व्यवसाय/पेशा करने वाले व्यक्ति सूचना आयुक्त नहीं बन सकते।

निष्कर्ष

RTI Act, 2005 की धारा 12 केंद्रीय सूचना आयोग की स्थापना, संरचना तथा स्वतंत्र कार्यप्रणाली का आधार प्रदान करती है। यह आयोग नागरिकों के सूचना के अधिकार की रक्षा करता है, द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों का निष्पक्ष निपटारा करता है तथा केंद्र सरकार के लोक प्राधिकरणों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।