धारा 15 क्या कहती है?
RTI Act, 2005 की धारा 15 के अनुसार
प्रत्येक राज्य सरकार राजपत्र (Official Gazette)
में अधिसूचना जारी करके
राज्य सूचना आयोग (State Information Commission)
का गठन करेगी।
यह आयोग राज्य स्तर पर सूचना के अधिकार अधिनियम के
प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करेगा तथा
नागरिकों की द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की सुनवाई करेगा।
सरल भाषा में :
जिस प्रकार केंद्र सरकार के लिए
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) बनाया गया है,
उसी प्रकार प्रत्येक राज्य में
राज्य सूचना आयोग (SIC) बनाया जाता है,
जो राज्य सरकार के विभागों एवं
अन्य राज्य लोक प्राधिकरणों से संबंधित
RTI मामलों का निर्णय करता है।
धारा 15 का उद्देश्य
✔ राज्य सूचना आयोग का गठन
प्रत्येक राज्य में स्वतंत्र सूचना आयोग की स्थापना करना।
✔ नागरिकों के सूचना अधिकार की रक्षा
राज्य सरकार के लोक प्राधिकरणों के विरुद्ध सूचना प्राप्त करने के अधिकार की सुरक्षा करना।
✔ पारदर्शिता एवं जवाबदेही
राज्य प्रशासन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना।
✔ अपील एवं शिकायतों का निस्तारण
द्वितीय अपील एवं शिकायतों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्णय करना।
धारा 15(2) - राज्य सूचना आयोग की संरचना
प्रत्येक राज्य सूचना आयोग (State Information Commission)
में निम्नलिखित सदस्य होंगे—
-
एक राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (State Chief Information Commissioner)
-
आवश्यकतानुसार अधिकतम 10 राज्य सूचना आयुक्त (State Information Commissioners)
सूचना आयुक्तों की संख्या राज्य की आवश्यकता के अनुसार
निर्धारित की जाती है, लेकिन उनकी संख्या
10 से अधिक नहीं हो सकती।
धारा 15(3) - नियुक्ति की प्रक्रिया
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा
राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति
राज्यपाल (Governor)
द्वारा की जाती है।
राज्यपाल निम्न चयन समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं :
- मुख्यमंत्री — समिति के अध्यक्ष
- विधानसभा में विपक्ष के नेता
- मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्रिमंडल मंत्री
धारा 15(4) - आयोग का प्रशासन
राज्य सूचना आयोग का सामान्य अधीक्षण,
निर्देशन एवं प्रबंधन
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त
के अधीन होगा।
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की सहायता
राज्य सूचना आयुक्त करेंगे तथा आयोग
स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का प्रयोग करेगा।
धारा 15(5) - कौन बन सकता है राज्य सूचना आयुक्त?
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा
राज्य सूचना आयुक्त
सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित (Persons of Eminence)
व्यक्ति होने चाहिए तथा उन्हें निम्न क्षेत्रों में
व्यापक ज्ञान एवं अनुभव होना चाहिए—
✔ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
सरल उदाहरण
यदि किसी नागरिक ने किसी
राज्य सरकार के विभाग से RTI के माध्यम से सूचना मांगी,
लेकिन प्रथम अपील के बाद भी संतोषजनक सूचना नहीं मिली,
तो वह
राज्य सूचना आयोग (SIC)
में द्वितीय अपील कर सकता है।
आयोग दोनों पक्षों की सुनवाई करके
RTI Act के अनुसार निर्णय देगा।
धारा 15(6) - राज्य सूचना आयुक्त बनने की अयोग्यता
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (State Chief Information Commissioner)
अथवा राज्य सूचना आयुक्त (State Information Commissioner)
निम्न में से कोई भी नहीं होना चाहिए—
- संसद (MP) का सदस्य।
- किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की विधानमंडल का सदस्य।
- किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर कार्यरत व्यक्ति।
- किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ व्यक्ति।
- कोई व्यवसाय (Business) करने वाला व्यक्ति।
- कोई अन्य पेशा (Profession) करने वाला व्यक्ति।
धारा 15(7) - राज्य सूचना आयोग का मुख्यालय
राज्य सूचना आयोग (State Information Commission)
का मुख्यालय उस स्थान पर होगा,
जिसे राज्य सरकार राजपत्र (Official Gazette)
में अधिसूचना द्वारा निर्धारित करेगी।
राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से
राज्य सूचना आयोग राज्य के अन्य स्थानों पर भी
अपने कार्यालय स्थापित कर सकता है।
राज्य सूचना आयोग के प्रमुख कार्य
✔ द्वितीय अपील की सुनवाई
राज्य सरकार के लोक प्राधिकरणों से संबंधित द्वितीय अपीलों का निस्तारण।
✔ शिकायतों की सुनवाई
RTI Act की धारा 18 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का निपटारा।
✔ RTI कानून का अनुपालन
राज्य के लोक प्राधिकरणों में RTI Act के पालन की निगरानी।
✔ पारदर्शिता एवं जवाबदेही
राज्य प्रशासन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना।
परीक्षा एवं RTI प्रशिक्षण हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
-
✔ राज्य सूचना आयोग का गठन RTI Act की धारा 15 के अंतर्गत किया जाता है।
-
✔ प्रत्येक राज्य में एक राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा आवश्यकता अनुसार अधिकतम 10 राज्य सूचना आयुक्त हो सकते हैं।
-
✔ नियुक्ति राज्यपाल द्वारा चयन समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
-
✔ आयोग राज्य सरकार के लोक प्राधिकरणों से संबंधित द्वितीय अपील एवं शिकायतों की सुनवाई करता है।
-
✔ राज्य सूचना आयोग एक स्वतंत्र वैधानिक (Statutory) संस्था है।
Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न 1 : राज्य सूचना आयोग का गठन किस धारा के अंतर्गत किया जाता है?
उत्तर : RTI Act, 2005 की धारा 15 के अंतर्गत।
प्रश्न 2 : राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर : राज्यपाल, चयन समिति की अनुशंसा पर।
प्रश्न 3 : राज्य सूचना आयोग किन मामलों की सुनवाई करता है?
उत्तर : राज्य सरकार के लोक प्राधिकरणों से संबंधित द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों की।
प्रश्न 4 : क्या राज्य सूचना आयोग राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यालय खोल सकता है?
उत्तर : हाँ, राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से अन्य स्थानों पर कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
RTI Act, 2005 की धारा 15 प्रत्येक राज्य में
राज्य सूचना आयोग की स्थापना का प्रावधान करती है।
यह आयोग नागरिकों के सूचना के अधिकार की रक्षा करता है,
राज्य सरकार के लोक प्राधिकरणों में पारदर्शिता एवं
जवाबदेही को बढ़ावा देता है तथा द्वितीय अपीलों और
शिकायतों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निस्तारण करता है।