RTI Act, 2005

धारा 6 - सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन

Request for Obtaining Information

धारा 6 क्या कहती है?
यदि कोई भारतीय नागरिक किसी लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध सूचना प्राप्त करना चाहता है, तो वह संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO) अथवा सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) को निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
सरल भाषा में : RTI Act की धारा 6 नागरिकों को यह अधिकार देती है कि वे किसी भी सरकारी विभाग से उपलब्ध सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकें। आवेदन हिन्दी, अंग्रेज़ी या उस क्षेत्र की राजभाषा में किया जा सकता है।
धारा 6 का उद्देश्य

✔ सूचना प्राप्त करने का अधिकार

प्रत्येक भारतीय नागरिक को सूचना मांगने का कानूनी अधिकार प्रदान करना।

✔ सरल आवेदन प्रक्रिया

बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सूचना प्राप्त करने की सुविधा देना।

✔ पारदर्शिता बढ़ाना

सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।

✔ नागरिकों को सशक्त बनाना

नागरिकों को सरकारी रिकॉर्ड तक कानूनी पहुँच प्रदान करना।

धारा 6(1) - सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन

यदि कोई भारतीय नागरिक किसी लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध सूचना प्राप्त करना चाहता है, तो वह संबंधित लोक सूचना अधिकारी (PIO) या सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) को आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

आवेदन निम्न प्रकार से दिया जा सकता है :
  • लिखित आवेदन (Written Application)
  • ऑनलाइन आवेदन (जहाँ सुविधा उपलब्ध हो)
  • हिन्दी भाषा में
  • अंग्रेज़ी भाषा में
  • राज्य की राजभाषा में
महत्वपूर्ण : यदि कोई व्यक्ति लिखित आवेदन देने में असमर्थ है, तो PIO उसका मौखिक आवेदन लिखकर दर्ज करने में सहायता करेगा।
RTI आवेदन में क्या-क्या होना चाहिए?

✔ आवेदक का नाम

आवेदनकर्ता का पूरा नाम लिखें।

✔ डाक पता

सूचना प्राप्त करने हेतु पूरा पता लिखें।

✔ मांगी गई सूचना

सूचना स्पष्ट, संक्षिप्त एवं बिंदुवार लिखें।

✔ संपर्क विवरण

मोबाइल नंबर अथवा ई-मेल (यदि उपलब्ध हो)।

धारा 6(2) - कारण बताने की आवश्यकता नहीं

RTI आवेदन करते समय आवेदक को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि वह सूचना क्यों प्राप्त करना चाहता है।

अर्थात् : PIO आपसे यह नहीं पूछ सकता कि सूचना किस उद्देश्य से चाहिए या उसका क्या उपयोग करेंगे।
केवल वही व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा सकती है जो सूचना भेजने अथवा संपर्क करने के लिए आवश्यक हो।
धारा 6(3) - आवेदन का स्थानांतरण (Transfer of Application)

यदि RTI आवेदन ऐसे लोक प्राधिकरण के पास पहुँच जाता है जिसके पास मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं है, लेकिन वह सूचना किसी अन्य लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध है, तो संबंधित PIO आवेदन को उचित लोक प्राधिकरण को स्थानांतरित करेगा।

महत्वपूर्ण नियम :
  • आवेदन अधिकतम 5 दिनों के भीतर स्थानांतरित किया जाएगा।
  • स्थानांतरण की सूचना आवेदक को भी दी जाएगी।
  • आवेदक को नया आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।
सरल उदाहरण
यदि आपने जिला शिक्षा पदाधिकारी को RTI आवेदन भेज दिया, लेकिन मांगी गई सूचना जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पास उपलब्ध है, तो PIO स्वयं आवेदन संबंधित कार्यालय को 5 दिनों के भीतर भेज देगा तथा इसकी सूचना आपको भी देगा।
आवेदन स्थानांतरण (Transfer) की प्रक्रिया
क्रम प्रक्रिया समय सीमा
1 गलत विभाग में आवेदन प्राप्त होना आवेदन प्राप्त होने की तिथि
2 सही लोक प्राधिकरण को आवेदन भेजना अधिकतम 5 दिन
3 आवेदक को स्थानांतरण की सूचना देना तुरंत
4 संबंधित PIO द्वारा सूचना उपलब्ध कराना RTI Act के अनुसार निर्धारित समय सीमा
धारा 6 की महत्वपूर्ण बातें
  • ✔ RTI आवेदन का कोई निर्धारित प्रारूप (Format) अनिवार्य नहीं है।
  • ✔ आवेदन साधारण कागज़ पर भी दिया जा सकता है।
  • ✔ सूचना मांगने का कारण बताना आवश्यक नहीं है।
  • ✔ केवल संपर्क हेतु आवश्यक जानकारी देना पर्याप्त है।
  • ✔ गलत विभाग में आवेदन जाने पर PIO उसे सही विभाग में भेजेगा।
  • ✔ आवेदन स्थानांतरण अधिकतम 5 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।
RTI आवेदन करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
  • ✘ बहुत अधिक या अस्पष्ट सूचना मांगना।
  • ✘ प्रश्नों के स्थान पर स्पष्टीकरण या राय मांगना।
  • ✘ गलत लोक प्राधिकरण को आवेदन भेजना।
  • ✘ आवश्यक आवेदन शुल्क जमा न करना (जहाँ लागू हो)।
  • ✘ एक ही आवेदन में कई असंबंधित विषय शामिल करना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1 : क्या RTI आवेदन किसी भी भाषा में दिया जा सकता है?

उत्तर : आवेदन हिन्दी, अंग्रेज़ी या संबंधित राज्य की राजभाषा में दिया जा सकता है।


प्रश्न 2 : क्या सूचना मांगने का कारण बताना आवश्यक है?

उत्तर : नहीं, धारा 6(2) के अनुसार कारण बताना आवश्यक नहीं है।


प्रश्न 3 : यदि आवेदन गलत विभाग में चला जाए तो क्या होगा?

उत्तर : संबंधित PIO आवेदन को अधिकतम 5 दिनों के भीतर सही लोक प्राधिकरण को स्थानांतरित करेगा तथा इसकी सूचना आवेदक को देगा।


प्रश्न 4 : क्या साधारण कागज़ पर RTI आवेदन लिखा जा सकता है?

उत्तर : हाँ, अधिकांश मामलों में साधारण कागज़ पर भी RTI आवेदन किया जा सकता है।

निष्कर्ष

RTI Act, 2005 की धारा 6 प्रत्येक भारतीय नागरिक को सरल एवं प्रभावी तरीके से सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करती है। इस धारा के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया आसान रखी गई है, सूचना मांगने का कारण बताना आवश्यक नहीं है तथा गलत विभाग में आवेदन जाने पर उसे सही विभाग में स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी संबंधित लोक प्राधिकरण की होती है।